वृद्धावस्था संबंधी निदान
वृद्धों के लिए तकनालॉजी समाधान पोर्टल
Home होम
स्वास्थ्य

शारीरिक स्वास्थ्य

  • नियमित रुप से ऐसी शारीरिक गतिविधि जो न केवल सुरक्षित है अपितु आनंददायक भी है, तो उससे दो उद्देश्य प्राप्त होंगे- इससे न केवल आपके वज़न पर नियंत्रण रखते हुए शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि एक ऐसी जीवनशैली भी आपको प्राप्त होगी जो खुशनुमा और आनंदप्रद होगी।
  • शारीरिक स्वास्थ्य खान-पान की स्वस्थ आदतों के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता है। हमारे भली भांति अनुसंधान की गई आहार निर्देशिका के आधार पर आप बेहतर खान-पान ग्रहण कर सकते हैं तथा आपको अपने आहार में कोई अधिक कमी भी नहीं करनी होगा- आपको पौष्टिकता की अधिकतम मात्रा की प्राप्ति के साथ पूर्ण संतुष्टि भी प्राप्त होगी!
  • एक अच्छी नींद आपके लिए वह सुखद परिणाम दे सकती है जो कि किसी दवा से प्राप्त नहीं होंगे। इस तथ्य के पीछे वैज्ञानिक आधार है कि जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है हमारी नींद कम होती चली जाती है तथा हमारी नींद की गुणवत्ता में भी गिरावट आती है। केवल हमारी सरल चरणबद्ध निर्देशिका का पालन करें और अनिद्रा आपको कभी भी परेशानी नहीं करेगी।
  • यदि आप अकेले रहते हैं, तो आपको अनेक शारीरिक समस्याओं से ग्रसित होने की संभावना होती है, जो कि परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं होती हैं। अकेलापन और एकाकीपन इसका केवल एक हिस्सा ही है। अपने पड़ोसियों को जानने का प्रयास करें और हमेशा सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय रखें। यदि आपात कालीन सम्पर्क नम्बरों को सुलभ रुप से रखा जाता है तो यह बहुत अधिक लाभप्रद हो सकते हैं।
  • कमजोर हड्डियां, दांतों संबंधी रोग, नजर, श्रवण तथा पैरों के रोग, रक्त दाब तथा कब्ज उम्र के साथ होने वाली सामान्य समस्याएँ हैं तथा जिन्हें व्यायाम आदि करने से बचा जा सकता है। तथापि, इस अवस्था में मधुमेह, कैंसर, असंयत मूत्रण, ह्रदय वाहिका रोग, उन्माद तथा सन्घिशोथ जैसे खतरनाक रोग भी संभव हैं। इनका एक ही हल है कि आप नियमित स्वास्थ्य जांच तथा डाक्टर के साथ सलाह मशविरा करते हुए अपने आप को जागरूक बनाए रखें।

मानसिक स्वास्थ्य

स्वस्थ होने का अर्थ केवल शारीरिक रुप से स्वस्थ होने तक सीमित नहीं होता है। शारीरिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की मानसिक स्वास्थ्य। इन दोनों में क्या अंतर है तथा उनके स्तर पर विचार करते समय किन किन पैरामीटरों पर ध्यान दिया जाता है। उम्र के बढ़ने के साथ अवसाद एक मुख्य स्थान ले लेता है। अनजाने में अधिकांश व्यक्ति इसकी खतरनाक पकड़ में फंस जाते हैं, और कभी कभी तो उन्हें इसके लक्षणों की भी जानकारी नहीं होती है। यदि आप भूख न लगने के साथ साथ बेचैनी, चिड़चिड़ापन तथा आप अधिक अपराध बोध तथा नगण्यता के विचारों का अनुभव करते हैं- तो निःसंदेह आप गम्भीर मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसका एकमात्र हल यह है कि आप अपनी जिंदगी से उत्साह को दूर न होने दें तथा सजग और सक्रिय रहें। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा प्रोत्साहन भी लाभदायक साबित हो सकता है। हमारी वेबसाइट पर आप उन सभी संगठनों की सम्पर्क संबंधी की जानकारी पा सकेगें जो आपको अपने आत्म विश्वास को पुन प्राप्त करने तथा अपनी कार्य कुशलता को धारण करने में सहायता प्रदान करते हैं।oldagesolutions.org

| | | | | | |
Visitor No. : Web Counters
Powered By PECS. Copyrights 2009- AIIMS. All rights reserved. Site best viewed in IE6 & above and in 1024X768 resolution.