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कब अपनी वसीयत में परिवर्तन करें/उसे अद्यतन करें

जब भी आपके जीवन में कोई प्रमुख घटना घटती है तो आपको अपनी वसीयत की समीक्षा करनी चाहिए तथा इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या इसे अद्यतन करने की आवश्यकता है। ऐसी परिस्थितियां जिसमें संभवत आपको अपनी वसीयत की समीक्षा करने की आवश्यकता पड़ सकती है उसमें आपके परिवार में जन्म अथवा तलाक होना, आपकी वित्तीय स्थितियों में परिवर्तन, अथवा आपकी वसीयत में उल्लिखित किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है आदि शामिल हैं। यदि आपकी शादी हो जाती है तो आपको अवश्य ही नई वसीयत बनानी चाहिए। यदि आपका तलाक हो जाता है तो पूर्व पति या पत्नी के लिए निर्धारित किया गया कोई धन या सम्पत्ति अमान्य हो जाएगा तथा शेष वसीयत मान्य रहेगी। यदि आपका तलाक हो जाता है तो इस बात का परामर्श दिया जाता है कि आप अपनी वसीयत में परिवर्तन कर लें। आप अपनी वसीयत को जितनी बार चाहें उतनी बार बदल सकते हैं। लेकिन, आपको मूल दस्तावेज में कभी भी परिवर्तन नहीं करने चाहिए क्योंकि इससे यह अवैध हो जाता है। अपनी वसीयत में कोडीसिल शामिल करके आप परिवर्तन कर सकते हैं। इस अवश्य ही हस्ताक्षर किए जाने चाहिए हम सिफारिश करते हैं कि आप एक नई वसीयत बनाएं। किसी कोडीसिल अथवा नई वसीयत का प्रारुप तैयार करने से पूर्व किसी पेशेवर की सलाह लेना अधिक लाभदायक रहता है।


वसीयत बनाने अथवा उसे अद्यतन करने के पीछे कारण

  • यह एक समझदारी भरा तथा व्यावहारिक कदम है जिससे आप अपनी सम्पत्ति तथा धारित वस्तुओं के साथ क्या किया जाए, इस संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।
  • कानूनी रुप से वैध वसीयत के बिना, आप जिन्हें पीछे छोड़ कर जाते हैं उन्हें संदेह, देरी तथा कानूनी लागतों या दांव पेंचों का सामना कर पड़ सकता है।
  • उचित रुप से तैयार की गई वसीयत से दिमागी शांति मिलती है।

आपकी मृत्यु के उपरांत संभवत जरुरत पड़ने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सूची बनाएं

इस बात की सलाह दी जाती है कि आप इस बात की सूची बनाएं कि महत्वपूर्ण मदें और दस्तावेज कहां पर हैं। इन सूचियों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए, तथा आप इन्हें कहां रखा गया है उसकी जानकारी निष्पादक(निष्पादकों) तथा/या वारिसों को दें:

  • आपकी अंत्येष्टि संबंधी अनुदेशों की एक सूची (जिसकी आवश्यकता संभवत आपकी वसीयत को पढ़ने से पहले पड़ सकती है)
  • धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए दान देने संबंधी आपकी कोई अभिलाषाएं
  • उन व्यक्तियों की सूची जिन्हें आपकी मृत्यु तथा अंत्येष्टि की जानकारी दी जानी चाहिए
  • अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज/मदें जैसे प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, लाईसेन्स आदि, पालिसियां तथा विलेख आदि कहां पर रखे हुए हैं।
  • महत्वपूर्ण चाबियां आदि कहां पर रखी गई हैं।
  • उन संगठनों की सूची जिन्हें आपकी मृत्यु की जानकारी दी जानी चाहिए जैसे आपका बैंक/ बिल्डिंग की सोसाइटी, पेंशनदाता तथा आपको सेवाएं प्रदान करने वाली कम्पनियां (बिजली, गैस आदि)
  • ऐसी वस्तुओं की सूची जिन्हें आपकी मृत्यु के उपरांत उन्हें जारी करने वाले प्राधिकरणों को लौटाया जाना चाहिए/रद्द किया जाना चाहिए (अर्थात पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेन्स, पैन कार्ड, पुस्तकालय कार्ड/पुस्तकें।
  • नष्ट की जाने वाली वस्तुएं (अर्थात कम्पनियों को आपकी मृत्यु की जानकारी देने के बाद क्रेडिट तथा डेबिट कार्ड)
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