विहंगावलोकन

वरिष्ठ नागरिक के जीवन में दिन अनेक घटकों पर निर्भर करता है- वह कितना/कितनी आत्म निर्भर है- क्या वह ठीक से देख सकता/सकती है, क्या वह ठीक से चल फिर सकता/सकती है, अथवा कठिनाई से या फिर बिलकुल ही चलने फिरने में असमर्थ है। क्या वह अपने दिन प्रतिदिन की गतिविधियों की देखभाल कर सकता /सकती है। जब आप अपने समय को बिताने के लिए गतिविधियों की खोज कर रहे होते हैं तथा अपने आप को एक बेहतर जीवन प्रदान करना चाहते हैं तो इन घटकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। तथापि, उम्र के साथ चलने वाली कुछ शारीरिक सीमाओं के रहते, यह उन गतिविधियों को अपनाने का उचित समय है जिनकी आप चाहत रखते थे तथा जिन्हें आप अपनी छोटी तथा युवावस्था में करना चाहते थे, लेकिन अपने कार्य के दैनिक दबावों के कारण, अथवा घर परिवार, बच्चों आदि की देखभाल के कारण नहीं कर पाए। इसलिए, जब आप आमोद प्रमोद संबंधी गतिविधियों के बारे में विचार कर रहे हों, तो आपको सबसे अधिक उन गतिविधियों के बारे में सोचना चाहिए जिनको करना आप को आन्नदप्रद लगता था अथवा काफी समय से उन गतिविधियों को करना चाहते थे।